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Jul 17

विग्यप्ति ( २२ जून, २००८ )

 

                                 सम्मानार्थ प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं ———

 

                               विश्व   हिन्दी   सेवा   संस्थान ,   इलाहाबाद

साहित्य जगत में अत्यधिक लोकप्रिय, विश्वसनीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित व अन्तर्राष्ट्रीय जगत में भी चर्चा की ओर अग्रसित विश्व हिन्दी सेवा संस्थान द्वारा २००३ से लगातार साहित्यकारों / पत्रकारों / समाजसेवियों को सम्मानित करता आ रहा है । इस वर्ष निम्न सम्मान प्रस्तावित हैं —

क्र.सं.    पुरस्कार का नाम                      विवरण                            राशि

१.         साहित्य श्री सम्मान            अप्रकाशित कहानी तीन प्रतियों में            रु० ३१००.००

२.       डा० रामकुमार वर्मा सम्मान      एक नाटक तीन प्रतियों में                 रु० २१००.००

३.      बाल श्री सम्मान                एक बाल कविता तीन प्रतियों में             रु० ११००.००

४.      कैलाश गौतम सम्मान        कोई एक हास्य / व्यंग्य कविता तीन प्रतियों में    कोई नहीं

५.      डा० किशोरी लाल सम्मान     शृंगार रस पर आधारित एक रचना तिन प्रतियों में    

 

६.       प्रवासी भारतीय सम्मान       ऐसे प्रवासी प्रवासीय जो हिंदी की सेवा कर रहे हैं ।    

 

                           किसी भी विधा में एक रचना तीन प्रतियों में

                           सम्पूर्ण विवरण

७.      अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान   ऐसे विदेशी अहिन्दी भाषी नागरिक जो हिंदी की      

 

                           किसी भी प्रकार से सेवा कर रहे हैं

८.      राजभाषा सम्मान             सरकारी/अर्द्धसरकारी विभागों/उपक्रमों में कार्यरत      

 

                           राजभाषा अधिकारी जो अपने विभाग में हिंदी को

                           बढावा दे रहे हैं, सम्पूर्ण विवरण तीन प्रतियों में

९.       सम्पादक श्री                 हिन्दी में प्रकाशित पत्र/पत्रिका की नवीनतम तीन     

 

                           अंक तीन प्रतियों में

१०.    विधि श्री                    ऐसे विधिवेत्ता जो विधि प्रक्रिया में हिंदी के प्रयोग      

 

                           को बढावा दे रहे हैं या हिन्दी की सेवा कर रहे हैं

११.     डाक्टर श्री                   डाक्टरी पेशे में रहते हुए हिंन्दी को बढावा देने वाले     

 

                                 हिन्दी सेवी ; सम्पूर्ण विवरण सहित तीन प्रतियों में

१२.शिक्षक श्री                   शिक्षा के क्षेत्र में हिन्दी को बढावा देने वाले,सम्पूर्ण      

 

                          विवरण तीन प्रतियों में

१३      पुलिस हिन्दी सेवा पदक       पुलिस सेवा में रहते हुए हिंदी को बढावा देने वाले       

 

                           सम्पूर्ण विवरण तीन प्रतियों में

१४.विग्यान श्री                  ऐसे विग्यान वेत्ता जो विग्यान को हिन्दी में बढावा दे     

 

                           सम्पूर्ण विवरण तीन प्रतियों में

१५. युवा पत्रकारिता सम्मान         पत्रकारिता के क्षेत्र में गत पाँच वर्षों में किए गए           

 

                         कार्यों का सम्पूर्ण विवरण तीन प्रतियों में

१६. राष्ट्रभाषा सम्मान               अहिन्दी भाषी क्षेत्र में हिंदी के उत्थान के लिए/ हिंदी       

 

                                सेवा के लिए , सम्पूर्ण विवरण सहित लिखें

१७. विहिसा अलंकरण              लेख/संस्मरण/व्यंग्य/नाटक/उपन्यास तीन प्रतियों में       

 

             मानद उपाधियों हेतु अलग से टिकट युक्त जवाबी लिफ़ाफ़े के साथ लिखें   

प्रविष्टि   आवेदन   पत्र

 

सचिव

विश्व हिन्दी सेवा संस्थान

 

विषय ————————— सम्मान हेतु प्रविष्टि 

संदर्भ ;

महोदय,

    विश्व हिंदी सेवा संस्थान के ६ वें साहित्य मेला में सम्मान हेतु मैं अपनी प्रविष्टि प्रेषित कर रहा हूँ ।

विवरण निम्नवत है —-

रचना/पुस्तक का शीर्षक —————————————————————————

प्रेषित प्रतियाँ ————— विधा —————— धनादेश/ बैंक ड्राफ़्ट/डी० डी० का विवरण :

राशि —————– बैंक का नाम————————-बैंक ड्राफ़्ट/डी० डी०/चेक संख्या :———

मैं शपथ पूर्वक यह प्रमाणित करता हूँ/ करती हूँ कि

१.        प्रेषित रचना/ पुस्तक मेरी मौलिक है ।

२.      मैने संस्थान के पुरस्कार संबंधी नियम पढ़ लिए हैं और मैं इन्हें मान्य करता/करती हूँ ।

                                                      भवदीय / भवदीया

संलग्नक : -

१.        सचित्र जीवन परिचय तिन प्रतियों में                              हस्ताक्षर

      २.   टिकट लगा, पता लगा लिफ़ाफ़ा                                               पूरा नाम ————————-

      ३. संबंधित रचना प्रतियों में                             ——————————— 

      ४. बैंक जमा पर्ची की छाया प्रति                         ———————————

                                                          दिनांक ————————-

पुरस्कारों हेतु चयन एक निर्णायक मण्डल द्वारा किया जायेगा जो अंतिम एवं सर्वमान्य होगा । पुरस्कार हेतु प्राप्त पुस्तकें ,रचनाएँ लौटाई नहीं जाएगी । राचनाओं की मौलिकता को दर्शाना जरूरी है । प्रत्येक पृष्ष्ठ पर अपने हस्ताक्षर अवश्य करें । ये पुरस्कार इलाहाबाद में गरिमापूर्ण साहित्यिक समारोह में प्रदान किये जायेंगे ।

विशेष  :—

१.       सभी प्रविष्टियों के साथ एक पोस्ट कार्ड, एक टिकट लगा लिफ़फ़ा भेजें ।

२.     प्रविष्टि के साथ २००/- रुपये का धनादेश मनीआर्डर/ बैंक ड्राफ़्ट सचिव के नाम भेजें 

३.     संस्था के युनियन बैंक आफ़ इण्डिया के खाता सं० 538702010009259 में भी जमा कर रसीद की छाया प्रति संस्था को भेज सकते हैं ।

४.     प्रविष्टियों के साथ सचित्र स्वविवरणीका अवश्य भेजें ।

५.     धनादेश को अंतिम विकल्प में रखें ।

६.      प्रत्येक प्रविष्टि हेतु रचना, विवरण तीन प्रतियों में भेजना अनिवार्य है ।

७.     किसी अन्य प्रकार की जानकारी के लिए लिखें/ ई मेल करें / देखें ।

अंतिम तिथि  :–   ३० अक्टूबर २००८ 

कार्यालय : - एल० आई० जी० ९३, नीम सराय कालोनी, मुण्डेरा, इलाहाबाद

कानाफ़ुसी – 09335155949 ईमेल :  sahityaseva@rediffmail.com; Website : www.swargvibha.tk            

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May 17

  स्वर्ग विभा टीम ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं टीम के निदेशक, श्रीमती तारा सिंह के सम्मान में सन २००८ से प्रति वर्ष कुछ उच्च स्तरीय रचनाकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है । सम्मान स्वरूप १५००/- ( पन्द्रह सौ रुपये ),शाल एवं प्रशस्ति–पत्र देने का व्यवधान है । इसके लिए नि:शुल्क प्रविष्टि गद्य/पद्य/गजल विधा में प्रकाशित कृति की दो प्रतियों, दो छाया-चित्र एवं परिचय – पत्र के साथ स्वर्ग विभा टीम के कार्यालय के पते पर ( बी० ६०५, अनमोल प्लाज़ा, सेक्टर – ८, खारघर, नवी मुम्बई -४१०२१० ) अथवा विश्व हिन्दी सेवा संस्थान, इलाहाबाद के माननीय सचिव, डा० गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी ( साहित्य सदन, ९३, एल० आई० जी०, नीमसराय कालोनी, मुण्डेरा, इलाहाबाद – २११०१२ ) के पास ३१ नवम्बर तक भेजी जा सकती है । इस सम्बन्ध में स्वर्ग विभा टीम का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा । यह सम्मान अगले साल फरवरी/मार्च में विश्व हिन्दी साहित्य सेवा संस्थान द्वारा आयोजित साहित्य मेला-सम्मान समारोह ( इलाहाबाद) में दिया जायेगा।                      

   डा० बी० पी० सिंह                   

( स्वर्ग विभा टीम की ओर से )           

  मो०- 09967362087

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May 17

शीर्षस्थ ऐतिहासिक उपन्यासकार, कवि, चित्रकार एवं ६० महत्वपूर्ण ग्रन्थों के सर्जक स्व० अम्बिका प्रसाद दिव्य कि स्मृति में साहित्य सदन, भोपाल द्वारा प्रदान किये जाने वाले अनेक साहित्यिक पुरस्कारों हेतु पुस्तकें आमंत्रित हैं ।

 उपन्यास विधा हेतु  :   पाँच हजार रुपये

कहानी विधा हेतु  :     दो हजार एक सौ रुपये

काव्य विधा हेतु :      दो हजार एक सौ रुपये

नाटक, व्यंग्य, ललित निबंध,पत्रकारिता, बाल साहित्य, दिव्य साहित्यपर शोध एवं साहित्यिक पत्रिकाओं हेतु :      दिव्य रजत अलंकरण

पुस्तकें जनवरी २००५ से दिसम्बर २००७ के मध्य प्रकाशित होना चाहिए ।पुस्तकों की दो प्रतियाँ, प्रत्येक प्रविष्टि के साथ एक सौ रुपये प्रवेश शुल्क, लेखक/ सम्पादक के दो रंगीन चित्र एवं परिचय ३० नवम्बर, २००८ तक – श्रीमती राजो किंजल्क, साहित्य सदन, ४९ द्वारिकापुरी, कोटरा रोड, पी० एण्ड टी० चौराहे के पास, भोपाल – ४६२००३ के पते पर पहुँच जाना चाहिए । हिन्दी साहित्य जगत में अत्यधिक लोकप्रिय, विश्वसनीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित दिव्य पुरस्कारों हेतु प्राप्त पुस्तकों , साहित्यिक पत्रिकाओं का चयन एक निर्णायक मंडल द्वारा किया जायगा । उनका निर्णय अंतिम तथा मान्य होगा । पुरस्कार हेतु प्राप्त पुस्तकें लौटाई नहीं जायगी । पुस्तकॊं के किसी पृष्ठ पर पेन से कोई शब्द न लिखें ।                                                   

                                             जगदीश किंजल्क   

            सम्पादक, दिव्यालोक एवं संयोजक, दिव्य पुरस्कार                                                     

                                          मो० ०९९७७७८२७७७

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